क्या आपको याद है कि,
क्या आपको याद है कि,
दो दिन पहले किसी की शादी पर आपने
क्या खाया था ?
जीवन के प्रारंभिक वर्षों में,
क्यों हम पशुओं की तरह काम में जुते रहते हैं ?
कितनी पीढ़ियों के,खान पान और
लालन पालन की व्यवस्था करनी है हमें ?
हम में से अधिकाँश लोगों के दो बच्चे हैं। बहुतों का तो सिर्फ एक ही बच्चा है।
"हमारी जरूरत कितनी हैं ?और
हम पाना कितना चाहते हैं"?
इस बारे में सोचिए।
क्या हमारी अगली पीढ़ी
कमाने में सक्षम नहीं है जो,
हम उनके लिए ज्यादा से ज्यादा
सेविंग कर देना चाहते हैं ?
क्या हम सप्ताह में डेढ़ दिन अपने मित्रों,
अपने परिवार और अपने लिए
स्पेयर नहीं कर सकते ?
क्या आप अपनी मासिक आय का
5% अपने आनंद के लिए,
अपनी ख़ुशी के लिए खर्च करते हैं ?
सामान्यतः जवाब नहीं में ही होता है
हम कमाने के साथ साथ
आनंद भी क्यों नहीं प्राप्त कर सकते ?
इससे पहले कि आप
स्लिप डिस्क्स का शिकार हो जाएँ,
इससे पहले कि,
कोलोस्ट्रोल आपके हार्ट को ब्लॉक कर दे,
आनंद प्राप्ति के लिए समय निकालिए !!
हम किसी प्रॉपर्टी के मालिक नहीं होते,
सिर्फ कुछ कागजातों, कुछ दस्तावेजों पर
अस्थाई रूप से हमारा नाम लिखा होता है।
ईश्वर भी व्यंग्यात्मक रूप से हँसेगा
जब कोई उसे कहेगा कि,
"मैं जमीन के इस टुकड़े का मालिक हूँ "
किसी के बारे में,
उसके शानदार कपड़े और
बढ़िया कार देखकर,
राय कायम मत कीजिए।
हमारे महान गणित और विज्ञान के शिक्षक
स्कूटर पर ही आया जाया करते थे !!*
धनवान होना गलत नहीं है ,
बल्कि.......
"सिर्फ धनवान होना गलत है"
आइए ज़िंदगी को पकड़ें,
इससे पहले कि,
जिंदगी हमें पकड़ ले...
एक दिन हम सब जुदा हो जाएँगे,
तब अपनी बातें,
अपने सपने हम बहुत मिस करेंगे।
दिन, महीने, साल गुजर जाएँगे,
शायद कभी कोई संपर्क भी नहीं रहेगा।
एक रोज हमारी बहुत पुरानी तस्वीर देखकर
हमारे बच्चे हमी से पूछेंगे कि,
"तस्वीर में ये दुसरे लोग कौन हैं" ?
दो दिन पहले किसी की शादी पर आपने
क्या खाया था ?
जीवन के प्रारंभिक वर्षों में,
क्यों हम पशुओं की तरह काम में जुते रहते हैं ?
कितनी पीढ़ियों के,खान पान और
लालन पालन की व्यवस्था करनी है हमें ?
हम में से अधिकाँश लोगों के दो बच्चे हैं। बहुतों का तो सिर्फ एक ही बच्चा है।
"हमारी जरूरत कितनी हैं ?और
हम पाना कितना चाहते हैं"?
इस बारे में सोचिए।
क्या हमारी अगली पीढ़ी
कमाने में सक्षम नहीं है जो,
हम उनके लिए ज्यादा से ज्यादा
सेविंग कर देना चाहते हैं ?
क्या हम सप्ताह में डेढ़ दिन अपने मित्रों,
अपने परिवार और अपने लिए
स्पेयर नहीं कर सकते ?
क्या आप अपनी मासिक आय का
5% अपने आनंद के लिए,
अपनी ख़ुशी के लिए खर्च करते हैं ?
सामान्यतः जवाब नहीं में ही होता है
हम कमाने के साथ साथ
आनंद भी क्यों नहीं प्राप्त कर सकते ?
इससे पहले कि आप
स्लिप डिस्क्स का शिकार हो जाएँ,
इससे पहले कि,
कोलोस्ट्रोल आपके हार्ट को ब्लॉक कर दे,
आनंद प्राप्ति के लिए समय निकालिए !!
हम किसी प्रॉपर्टी के मालिक नहीं होते,
सिर्फ कुछ कागजातों, कुछ दस्तावेजों पर
अस्थाई रूप से हमारा नाम लिखा होता है।
ईश्वर भी व्यंग्यात्मक रूप से हँसेगा
जब कोई उसे कहेगा कि,
"मैं जमीन के इस टुकड़े का मालिक हूँ "
किसी के बारे में,
उसके शानदार कपड़े और
बढ़िया कार देखकर,
राय कायम मत कीजिए।
हमारे महान गणित और विज्ञान के शिक्षक
स्कूटर पर ही आया जाया करते थे !!*
धनवान होना गलत नहीं है ,
बल्कि.......
"सिर्फ धनवान होना गलत है"
आइए ज़िंदगी को पकड़ें,
इससे पहले कि,
जिंदगी हमें पकड़ ले...
एक दिन हम सब जुदा हो जाएँगे,
तब अपनी बातें,
अपने सपने हम बहुत मिस करेंगे।
दिन, महीने, साल गुजर जाएँगे,
शायद कभी कोई संपर्क भी नहीं रहेगा।
एक रोज हमारी बहुत पुरानी तस्वीर देखकर
हमारे बच्चे हमी से पूछेंगे कि,
"तस्वीर में ये दुसरे लोग कौन हैं" ?
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