माइकल जैक्सन की अंतिम यात्रा को 2.5 अरब लोगो ने लाइव देखा था। यह अब तक की सबसे ज़्यादा देखे जाने वाली लाइव ब्रॉडकास्ट हैं। माइकल जैक्सन की मृत्यु के दिन यानी 25 जून 2009 को 3:15 PM पर, Wikipedia,Twitter और AOL’s instant messenger यह सभी क्रैश हो गए थे। उसकी मौत की खबर का पता चलता ही गूगल पर 8 लाख लोगों ने माइकल जैकसन को सर्च किया! ज्यादा सर्च होने के कारण गूगल पर सबसे बड़ा ट्रैफिक जाम हुआ था! और गूगल क्रैश हो गया, ढाई घंटे तक गूगल काम नहीं कर पाया! मौत को चकमा देने की सोचने वाले हमेशा मौत से चकमा खा ही जाते हैं! सार यही है, बनावटी दुनिया के बनावटी लोग कुदरती मौत की बजाय बनावटी मौत ही मरते हैं! "क्यों करते हो गुरुर अपने चार दिन के ठाठ पर , मुठ्ठी भी खाली रहेंगी जब पहुँचोगे घाट पर"... कुछ गंभीर प्रश्न-- चिन्तन अवश्य कीजियेगा....... क्या हम बिल्डर्स, इंटीरियर डिजाइनर्स, केटरर्स और डेकोरेटर्स के लिए कमा रहे हैं ? हम बड़े-बड़े क़ीमती मकानों और बेहद खर्चीली शादियों से किसे इम्प्रेस करना चाहते हैं ?
माइकल जैक्सन की अंतिम यात्रा को
2.5 अरब लोगो ने लाइव देखा था।
यह अब तक की सबसे ज़्यादा
देखे जाने वाली लाइव ब्रॉडकास्ट हैं।
माइकल जैक्सन की मृत्यु के दिन यानी
25 जून 2009 को 3:15 PM पर,
Wikipedia,Twitter और AOL’s
instant messenger
यह सभी क्रैश हो गए थे।
उसकी मौत की खबर का पता चलता ही
गूगल पर 8 लाख लोगों ने
माइकल जैकसन को सर्च किया!
ज्यादा सर्च होने के कारण गूगल पर
सबसे बड़ा ट्रैफिक जाम हुआ था! और
गूगल क्रैश हो गया,
ढाई घंटे तक गूगल काम नहीं कर पाया!
मौत को चकमा देने की सोचने वाले
हमेशा मौत से चकमा खा ही जाते हैं!
सार यही है,
बनावटी दुनिया के बनावटी लोग
कुदरती मौत की बजाय
बनावटी मौत ही मरते हैं!
"क्यों करते हो गुरुर अपने चार दिन के ठाठ पर ,
मुठ्ठी भी खाली रहेंगी जब पहुँचोगे घाट पर"...
कुछ गंभीर प्रश्न--
चिन्तन अवश्य कीजियेगा.......
क्या हम बिल्डर्स, इंटीरियर डिजाइनर्स,
केटरर्स और डेकोरेटर्स के लिए कमा रहे हैं ?
हम बड़े-बड़े क़ीमती मकानों और
बेहद खर्चीली शादियों से
किसे इम्प्रेस करना चाहते हैं ?
2.5 अरब लोगो ने लाइव देखा था।
यह अब तक की सबसे ज़्यादा
देखे जाने वाली लाइव ब्रॉडकास्ट हैं।
माइकल जैक्सन की मृत्यु के दिन यानी
25 जून 2009 को 3:15 PM पर,
Wikipedia,Twitter और AOL’s
instant messenger
यह सभी क्रैश हो गए थे।
उसकी मौत की खबर का पता चलता ही
गूगल पर 8 लाख लोगों ने
माइकल जैकसन को सर्च किया!
ज्यादा सर्च होने के कारण गूगल पर
सबसे बड़ा ट्रैफिक जाम हुआ था! और
गूगल क्रैश हो गया,
ढाई घंटे तक गूगल काम नहीं कर पाया!
मौत को चकमा देने की सोचने वाले
हमेशा मौत से चकमा खा ही जाते हैं!
सार यही है,
बनावटी दुनिया के बनावटी लोग
कुदरती मौत की बजाय
बनावटी मौत ही मरते हैं!
"क्यों करते हो गुरुर अपने चार दिन के ठाठ पर ,
मुठ्ठी भी खाली रहेंगी जब पहुँचोगे घाट पर"...
कुछ गंभीर प्रश्न--
चिन्तन अवश्य कीजियेगा.......
क्या हम बिल्डर्स, इंटीरियर डिजाइनर्स,
केटरर्स और डेकोरेटर्स के लिए कमा रहे हैं ?
हम बड़े-बड़े क़ीमती मकानों और
बेहद खर्चीली शादियों से
किसे इम्प्रेस करना चाहते हैं ?
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